आज की अहम झलकियाँ
- हनुमान अष्टमी पर भस्म आरती में बाबा महाकाल का दुर्लभ हनुमान स्वरूप दर्शन।
- पंचामृत पूजन, कर्पूर आरती और विशेष श्रृंगार विधिवत संपन्न।
- बड़ी संख्या में भक्तों ने लिया दिव्य दर्शन का लाभ।
उज्जैन, मध्य प्रदेश: विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के हुए भस्म आरती दर्शन के दौरान भक्तों को एक अद्वितीय दृश्य देखने को मिला।
हनुमान अष्टमी के पावन अवसर पर बाबा महाकाल को हनुमान जी के दिव्य स्वरूप में अलंकृत किया गया, जिसे देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ पड़ी।
सुबह गर्भगृह के पट खुलते ही पुजारियों ने पहले भगवान का पूर्व श्रृंगार उतारा। इसके बाद पंचामृत पूजन और कर्पूर आरती के साथ भस्म आरती की शुरुआत हुई।
नंदी हॉल में परंपरागत पूजन और पंचामृत अभिषेक
नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन विधिवत संपन्न हुआ। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर, शहद व फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।
रजत मुकुट, त्रिशूल और रुद्राक्ष माला से सजा हनुमान स्वरूप
पुजारियों ने बाबा महाकाल को रजत चंद्र, रजत त्रिशूल, रजत मुकुट और आभूषण अर्पित कर उनका श्रृंगार किया। भगवान को भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और भस्म चढ़ाई गई।
हनुमान स्वरूप श्रृंगार में भगवान को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाला तथा रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। इसके साथ ही सुगंधित पुष्पों से बनी विशेष माला भी अर्पित की गई।
भस्म आरती में उमड़े भक्त, लिया दुर्लभ हनुमान स्वरूप का आशीर्वाद
भगवान को फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। इसके बाद हुई भस्म आरती में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के इस अनोखे हनुमान स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस किया।
महा निर्वाणी अखाड़े द्वारा भगवान को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।
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