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क्या आपने कभी सोचा है कि उज्जैन ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में भक्त मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत हर महीने इतनी श्रद्धा से क्यों करते हैं? यह दिन माँ दुर्गा को समर्पित होता है, जो शक्ति, संरक्षण, साहस और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी एक ऐसा व्रत है जो भक्त को हर महीने माँ दुर्गा से जोड़ता है। जीवन में आने वाली बाधाएँ, मानसिक भय, नकारात्मक ऊर्जा और अस्थिरता को दूर करने के लिए यह व्रत अत्यंत प्रभावी माना गया है।

इस लेख में आपको 2026 में मासिक दुर्गाष्टमी की तिथियाँ (उज्जैन अनुसार), इसका महत्व, व्रत-विधि और नवरात्रि की महाअष्टमी (दुर्गा अष्टमी) की विशेषता विस्तार से मिलेगी।

मासिक दुर्गाष्टमी क्या है?

मासिक दुर्गाष्टमी हर हिंदू चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भक्त माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर उनसे शक्ति, सुरक्षा और जीवन में संतुलन की कामना करते हैं।

यह व्रत शारदीय नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) से अलग है। नवरात्रि की अष्टमी सामूहिक और भव्य होती है, जबकि मासिक दुर्गाष्टमी एक नियमित साधना है, जो पूरे वर्ष भक्त को माँ की कृपा से जोड़े रखती है।

2026 में मासिक दुर्गाष्टमी की तिथियाँ (उज्जैन)

नीचे उज्जैन पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 की सभी मासिक दुर्गाष्टमी तिथियाँ दी गई हैं:

माह तारीख व दिन चंद्र मास अवसर तिथि प्रारंभ तिथि समाप्त
जनवरी 26 जनवरी 2026 (सोमवार) माघ शुक्ल अष्टमी 25 जनवरी, 11:10 PM 26 जनवरी, 09:17 PM
फरवरी 24 फ़रवरी 2026 (मंगलवार) फाल्गुन शुक्ल अष्टमी 24 फ़रवरी, 07:01 AM 25 फ़रवरी, 04:51 AM
मार्च 26 मार्च 2026 (गुरुवार) चैत्र शुक्ल अष्टमी 25 मार्च, 01:50 PM 26 मार्च, 11:48 AM
अप्रैल 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) वैशाख शुक्ल अष्टमी 23 अप्रैल, 08:49 PM 24 अप्रैल, 07:21 PM
मई 23 मई 2026 (शनिवार) ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी 23 मई, 05:04 AM 24 मई, 04:27 AM
जून 22 जून 2026 (सोमवार) ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी 21 जून, 03:20 PM 22 जून, 03:39 PM
जुलाई 21 जुलाई 2026 (मंगलवार) आषाढ़ शुक्ल अष्टमी 21 जुलाई, 04:02 AM 22 जुलाई, 05:16 AM
अगस्त 20 अगस्त 2026 (गुरुवार) श्रावण शुक्ल अष्टमी 19 अगस्त, 07:19 PM 20 अगस्त, 09:18 PM
सितंबर 19 सितंबर 2026 (शनिवार) भाद्रपद शुक्ल अष्टमी 18 सितंबर, 01:00 PM 19 सितंबर, 03:26 PM
अक्टूबर 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) आश्विन दुर्गा अष्टमी (महाष्टमी) – शारदीय नवरात्रि 18 अक्टूबर, 08:27 AM 19 अक्टूबर, 10:51 AM
नवंबर 17 नवंबर 2026 (मंगलवार) कार्तिक शुक्ल अष्टमी 17 नवंबर, 04:19 AM 18 नवंबर, 06:04 AM
दिसंबर 17 दिसंबर 2026 (गुरुवार) मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी 16 दिसंबर, 10:45 PM 17 दिसंबर, 11:25 PM

अगर चाहें तो मैं इसे कैलेंडर स्टाइल, व्रत विधि, या उज्जैन आधारित मुहूर्त के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।

नोट: व्रत का पालन सूर्योदय को आधार मानकर करें।

मासिक दुर्गाष्टमी का धार्मिक महत्व

माँ दुर्गा को अपराजिता शक्ति माना गया है। मासिक दुर्गाष्टमी का नियमित व्रत करने से:

  • नकारात्मक शक्तियों और भय से रक्षा होती है
  • आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है
  • पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में संतुलन आता है
  • रोग, शत्रु और बाधाओं से मुक्ति मिलती है
  • आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है

विशेष रूप से आश्विन मास की दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) को सबसे शक्तिशाली माना गया है, जिसमें संधि पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत विधि और नियम

माँ दुर्गा की कृपा पाने के लिए इस विधि का पालन करें:

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  2. लाल या पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है
  3. माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
  4. दीपक और धूप प्रज्वलित करें
  5. पुष्प, फल, मिठाई और सिंदूर अर्पित करें
  6. मंत्र जाप करें –
    • ॐ दुं दुर्गायै नमः
    • दुर्गा चालीसा या सप्तशती पाठ
  7. सायंकाल आरती करें
  8. फलाहार, दुग्धाहार या निर्जल व्रत रखें
  9. पूजा के बाद या अगले दिन व्रत खोलें

मासिक दुर्गाष्टमी एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली व्रत है, जो भक्त को हर महीने माँ दुर्गा की शक्ति से जोड़ता है। यदि आप जीवन में साहस, शांति और सुरक्षा चाहते हैं, तो 2026 में आने वाली मासिक दुर्गाष्टमी से इस साधना की शुरुआत अवश्य करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1.2026 में पहली मासिक दुर्गाष्टमी कब है?

26 जनवरी 2026, सोमवार को।

2.दुर्गा अष्टमी 2026 क्यों विशेष है?

19 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी है।

3.क्या मासिक दुर्गाष्टमी पर फलाहार कर सकते हैं?

हाँ, श्रद्धा अनुसार फल या दूध ग्रहण किया जा सकता है।

4.मासिक दुर्गाष्टमी और नवरात्रि अष्टमी में क्या अंतर है?

मासिक अष्टमी व्यक्तिगत साधना है, नवरात्रि अष्टमी सामूहिक और अधिक शक्तिशाली होती है।

 

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